फ़्लाइट ग्राउंड स्पीड

0 GS kn ALT m तय की गई दूरी 0.0 ज़मीन पर

शुरू करें दबाएं — आपका ब्राउज़र लोकेशन की अनुमति मांगेगा

ऊंचाई
अधिकतम
औसत
दूरी
दिशा
कुल समय
चलने का समय
सटीकता
आपका रूट आपके डिवाइस पर प्रदर्शित

क्या आप प्लेन में स्पीड माप सकते हैं?

हाँ। आपके फ़ोन का सैटेलाइट रिसीवर 11,000 मीटर की ऊंचाई पर भी काम करता है। इसे खिड़की से सटाकर रखें, 'स्टार्ट' दबाएं, और आपको विमान की ग्राउंड स्पीड (नॉट्स में), ऊंचाई, दिशा (ट्रैक) और तय की गई दूरी दिख जाएगी।

पहले एयरलाइन के नियम जांच लें। लगभग सभी एयरलाइंस में एरोप्लेन मोड चालू रखना अनिवार्य होता है। GPS केवल सिग्नल लेता है और कुछ ट्रांसमिट नहीं करता, इसलिए तकनीकी रूप से एरोप्लेन मोड के साथ यह ठीक है, लेकिन कई फ़ोन में आपको लोकेशन अलग से चालू करनी पड़ती है और कुछ एयरलाइंस इस पर पूरी तरह रोक लगाती हैं। क्रू के निर्देशों का पालन करें।

ग्राउंड स्पीड और एयरस्पीड अलग-अलग होते हैं

यह एविएशन का वही सिद्धांत है जिसका सामना नाविक समुद्र में करते हैं, और इसी वजह से एक ही रूट पर आने और जाने में अलग-अलग समय लगता है।

एक विमान उस हवा के बीच उड़ता है जो खुद बह रही होती है। एयरस्पीड (Airspeed) हवा के सापेक्ष विमान की गति है, जिस पर उसके पंख निर्भर करते हैं। ग्राउंड स्पीड (Ground speed) ज़मीन के सापेक्ष विमान की गति है, जिससे तय होता है कि आप कब पहुंचेंगे। GPS केवल इस दूसरी गति को ही माप सकता है।

इन दोनों के बीच का अंतर हवा है, और अधिक ऊंचाई पर हवा बहुत तेज़ होती है। जेट स्ट्रीम 200 नॉट्स या उससे भी अधिक गति से चल सकती है। यही कारण है कि पूर्व दिशा में ट्रांसअटलांटिक फ़्लाइट समय से पहले लैंड कर जाती है, जबकि पश्चिम दिशा में वही दूरी तय करने में एक घंटा ज़्यादा लगता है और ईंधन भी बहुत अधिक खर्च होता है।

सामान्य क्रूज़ आंकड़े

पीछे से तेज़ हवा चलने पर एक यात्री विमान की ग्राउंड स्पीड 600 नॉट्स (1,100 किमी/घंटे से भी अधिक) पार कर सकती है, भले ही हवा में उसकी अपनी गति सामान्य ही क्यों न हो। यह विमान द्वारा रिकॉर्ड तोड़े जाने के कारण नहीं, बल्कि हवा के साथ बहने की वजह से होता है।

विमान क्रूज़ एयरस्पीड क्रूज़ ऊंचाई
Airbus A320 / Boeing 737 450 kn (830 km/h) 11,000 से 12,000 m
Boeing 787 / Airbus A350 490 kn (900 km/h) 12,000 से 13,000 m
Boeing 777 490 kn (905 km/h) 11,000 से 12,500 m
ATR 72 टर्बोप्रॉप 275 kn (510 km/h) 5,000 से 7,000 m
Cessna 172 120 kn (220 km/h) 4,000 m तक
Concorde (रिटायर्ड) 1,176 kn (2,180 km/h) 18,000 m

स्क्रीन पर दिख रही ऊंचाई केबिन डिस्प्ले से अलग क्यों है?

यहाँ आपको पृथ्वी के गणितीय मॉडल (WGS-84 एलिप्सॉइड) के ऊपर की ऊंचाई दिखाई देती है। जबकि केबिन स्क्रीन पर मानक वायुमंडल के सापेक्ष 'प्रेशर एल्टीट्यूड' दिखाई देता है, जिसका उपयोग पूरा एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम करता है ताकि सभी विमान एक ही पैमाने पर माप सकें।

ये दोनों समान नहीं होते और इनमें कुछ सौ मीटर का अंतर होना सामान्य है। दोनों में से कोई भी गलत नहीं है, वे बस अलग-अलग मानकों को दर्शाते हैं। इसके अलावा, GPS से मिलने वाली ऊंचाई की सटीकता आपकी पोजीशन की सटीकता से दो या तीन गुना कम होती है।

केबिन के अंदर GPS सिग्नल कैसे पाएं

ट्रैक और हेडिंग

यह रीडिंग ज़मीन के ऊपर विमान का 'ट्रैक' (वास्तविक दिशा) दर्शाती है। तिरछी हवा (crosswind) होने पर, विमान का मुंह जिस दिशा में होता है और जिस दिशा में वह जा रहा होता है, उसमें 10 डिग्री या उससे ज़्यादा का अंतर हो सकता है। अगर आपने कभी किसी प्लेन को रनवे पर थोड़ा तिरछा उतरते देखा है, तो यह कम स्पीड में वही चीज़ होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मैं प्लेन में GPS का उपयोग कर सकता हूँ?

GPS केवल सिग्नल लेता है और कुछ ट्रांसमिट नहीं करता, इसलिए इससे किसी चीज़ में बाधा नहीं आती। हालांकि, लगभग सभी एयरलाइंस में एरोप्लेन मोड चालू रखना अनिवार्य होता है, जिससे अक्सर लोकेशन बंद हो जाती है, और कुछ एयरलाइंस GPS डिवाइस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाती हैं। अपनी फ़्लाइट के नियम जांचें और क्रू के निर्देशों का पालन करें।

मेरी ग्राउंड स्पीड विमान की क्रूज़ स्पीड से अधिक क्यों है?

पीछे से बहने वाली हवा (Tailwind) की वजह से। ग्राउंड स्पीड वास्तव में एयरस्पीड और हवा की गति का जोड़ होती है, और ऊंचाई पर हवा 200 नॉट्स से अधिक तेज़ हो सकती है। पूर्व की ओर जाने वाली ट्रांसअटलांटिक फ़्लाइट्स में अक्सर 600 नॉट्स तक की ग्राउंड स्पीड दिखाई देती है।

मेरी ऊंचाई केबिन स्क्रीन की ऊंचाई से अलग क्यों दिख रही है?

केबिन स्क्रीन पर मानक वायुमंडल के सापेक्ष प्रेशर एल्टीट्यूड दिखाया जाता है, जिसका उपयोग एयर ट्रैफिक कंट्रोल करता है। जबकि यह पृथ्वी के मॉडल के सापेक्ष GPS ऊंचाई दिखाता है। कुछ सौ मीटर का अंतर होना सामान्य है और दोनों में से कोई भी गलत नहीं है।

इसमें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। क्या समस्या है?

आप संभवतः खिड़की से दूर हैं, या एरोप्लेन मोड की वजह से लोकेशन बंद है। अपने फ़ोन को खिड़की के कांच से सटाकर रखें और एक-दो मिनट का इंतज़ार करें।

क्या यह छोटे विमानों में काम करता है?

यह बड़े यात्री विमानों की तुलना में और भी बेहतर काम करता है। छोटे विमानों में कांच ज़्यादा और ऊपर धातु कम होती है, इसलिए सिग्नल बहुत अच्छा मिलता है। यूनिट को नॉट्स (knots) पर सेट करें, क्योंकि विमान के इंस्ट्रूमेंट्स इसी का उपयोग करते हैं।